Dk Yadav
1 week ago New Update

BRABU UG में 2 क्रेडिट का पर्यावरण कोर्स अनिवार्य, अब किताबों से बाहर निकलकर Ground Work से सीखेंगे छात्र

UGC के नए पाठ्यक्रम के तहत स्नातक स्तर के छात्रों के लिए पर्यावरण अध्ययन का 2 क्रेडिट का कोर्स अनिवार्य किया गया है। इस नए बदलाव के तहत छात्रों को केवल किताबों और क्लासरूम तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें Ground Work और Practical Activities के माध्यम से पर्यावरण से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। यह व्यवस्था बिहार विश्वविद्यालय सहित राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में लागू होने की जानकारी सामने आई है।

BRABU UG 2 Credit Environment Course Mandatory

स्नातक में पर्यावरण शिक्षा को मिलेगा नया स्वरूप

UGC 2020 के तहत तैयार किए गए नए पाठ्यक्रम में पर्यावरण अध्ययन को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। अब स्नातक स्तर पर विद्यार्थियों को पर्यावरण से जुड़े विषयों को केवल पढ़ना ही नहीं होगा, बल्कि उन्हें अपने आसपास के पर्यावरण को समझने और उसके संरक्षण में भागीदारी करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

नए कोर्स में 2 क्रेडिट का पर्यावरण विषय शामिल किया गया है। इस कोर्स का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सही इस्तेमाल और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

किताबों से बाहर निकलकर Ground Work करेंगे छात्र

नए पैटर्न की सबसे खास बात यह है कि विद्यार्थियों को Ground Work से भी जोड़ा जाएगा। छात्र अपने आसपास के पर्यावरण को देखकर और विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेकर विषय को समझेंगे।

इसके तहत विद्यार्थियों को पेड़-पौधों, जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, प्लास्टिक प्रदूषण और स्थानीय पर्यावरण से जुड़े कार्य दिए जा सकते हैं। इससे विद्यार्थियों को पर्यावरण की समस्याओं को वास्तविक परिस्थितियों में समझने का अवसर मिलेगा।

6 यूनिट में पढ़ाया जाएगा पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन

पर्यावरण कोर्स को कुल 6 यूनिट में बांटे जाने की जानकारी दी गई है। इसमें पर्यावरणीय चुनौतियों, IPCC की रिपोर्ट, ग्लोबल वार्मिंग, पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है।

इसके अलावा जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी विद्यार्थियों को जानकारी दी जाएगी। छात्रों को पर्यावरण से संबंधित वर्तमान समस्याओं और उनके समाधान के बारे में भी समझाया जाएगा।

छात्रों को दिए जाएंगे अलग-अलग Practical Homework

नए कोर्स में विद्यार्थियों के लिए Practical Homework भी महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। छात्रों को अपने घर, कॉलेज और आसपास के क्षेत्र से जुड़े पर्यावरणीय कार्य दिए जा सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर छात्र घर में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक का अध्ययन, परिवार या हॉस्टल में बिजली बचाने के उपाय, स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण, पेड़-पौधों की जानकारी और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने जैसे कार्य कर सकते हैं।

इससे विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी को व्यवहारिक रूप से समझने में मदद मिलेगी।

पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ेगी जागरूकता

इस नए पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को Environment Friendly Lifestyle के प्रति जागरूक करना है। विद्यार्थियों को यह समझाया जाएगा कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके पर्यावरण को सुरक्षित रखने में योगदान दिया जा सकता है।

जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, प्लास्टिक का कम इस्तेमाल, कचरा प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण जैसे विषयों को व्यवहारिक गतिविधियों से जोड़ने पर छात्रों की पर्यावरण के प्रति समझ और जिम्मेदारी दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

UGC 2020 के तहत 2 क्रेडिट का अनिवार्य पर्यावरण कोर्स स्नातक छात्रों के लिए केवल एक अकादमिक विषय नहीं रहेगा। इसमें छात्रों को किताबों के साथ-साथ Ground Work, Practical Activities और Homework के माध्यम से पर्यावरण को समझने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद मिल सकती है।

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